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बांस की खेती और संसाधन उपयोग

प्रो. बादल कुमार दत्ता

विभाग प्रमुख

विभाग का संक्षिप्त परिचय :

बाँस संवर्धन एवं संसाधन अनुप्रयोग केन्द्र की स्थापना वर्ष 2006 में राष्ट्रीय ग्रामीण संस्थान परिषद, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा त्रिपुरा विश्वविद्यालय के वित्तीय सहयोग से हुआ। बाँस संवर्धन एवं संसाधन अनुप्रयोग में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम को प्रारंभ करने के पीछे उद्देश्य यह था कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों को इस विषय से संबंधित क्षेत्र में न केवल स्वरोजगार ही हासिल हो, बल्कि ग्रामीण विकास के लिए बाँस संवर्धन तथा जर्म प्लाज्मा का भी संवर्धन एवं संरक्षण हो। इसी उद्देश्य से केन्द्र अपने आरंभ काल से ही दो सेमेस्टर आधारित बाँस संवर्धन एवं संसाधन अनुप्रयोग में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम वनस्पतिशास्त्र विभाग के संकाय सदस्यों के तथा विश्वविद्यालय एवं अन्य बाह्य संकायों के सहयोग से संचालित करता है।

स्थापना वर्ष :

2006

Head of the Department(i/c):

प्रो. बादल कुमार दत्ता
ईमेल: coordinator_bcru[at]tripurauniv.in

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