पर्यटन प्रबंधन विभाग:

विभाग का संक्षिप्त परिचय

संप्रति, विभाग द्वारा पर्यटन प्रशासन में दो-वर्षीय पूर्णकालिकस्नातकोत्तर(एमटीए) पाठ्यक्रम का संचालन किया जा रहा है, जो कि इस राज्य में इस तरह का अकेला उपलब्ध पाठ्यक्रम है। पाठ्यक्रम यात्रा एवं पर्यटन के साथ-साथ आतिथ्य उद्योग की आंतरिकगुणात्मकता से छात्रों को परिचित कराता है।त्रिपुरा विश्वविद्यालय में यह विभाग वर्ष 2019 में प्रारंभ हुआ। विभाग का लक्ष्य है कि वह अपने छात्रों को प्रबंधक व उद्यमी के तौर पर तैयार कर सके ताकि वर्तमान परिवेश में इस उद्योग में बढ़ती मांग को पूर्ण किया जा सके। विभाग छात्रों के रचनात्मक गुणों को निखारना चाहता है। पर्यटन उद्योग को लेकर त्रिपुरा में अपार संभावना है, जिसके फलस्वरूप इस क्षेत्र में दक्ष एवं पेशेवर व्यक्तियों की भारी मांग है। ऐसे छात्र जिन्हें पर्यटन प्रशासन, सांस्कृतिक विविधता तथा प्राकृतिक संसाधन का वृहद ज्ञान हो, वे विभाग के राजदूत के तौर पर कार्य कर सकते हैं तथा वे पर्यटन क्षेत्र के सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विभाग का लक्ष्य है कि वह यात्रा, पर्यटन तथा आतिथ्य प्रशासन के क्षेत्र में छात्रों को उच्च गुणात्मक प्रशिक्षण दे ताकि वे अपने लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर सकें। विभाग की ये मंशा है कि वे अपने छात्रों को जिज्ञासु बनाए ताकि वे प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र की तरह स्वयं को समय की मांग के अनुरूप अद्यतन करते रहें तथा इस क्षेत्र की उन्नति के लिए बेहतर कार्य कर सकें। हमारा प्रयास है कि हम अपने उद्देश्य में सफल हो सकें, हमारा प्रथम लक्ष्य है कि हम उच्च गुणात्मक पाठ्य-वस्तु प्रदान कर सकें तथा अपने छात्रों को इस काबिल बना सकें कि उन्हें इस क्षेत्र में तत्काल रोजगार का अवसर मिल सके। जैसा कि हम जानते हैं कि पर्यटन उद्योग सेवा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, अत: इस उद्योग से जुड़े पेशेवर अनुशासित, विनम्र तथा दूसरों को यथोचित सम्मान देने वाले होने चाहिए। विभाग का यह मानना है कि समझ के बिना (हृदय परिवर्तन) के बिना ज्ञान केवल एक भार है।

स्थापना वर्ष :

2019

विभागाध्यक्ष :

प्रोफेसर श्यामल दास

 

 

कुल विजिटर्स की संख्या : 3749307

सर्वाधिकार सुरक्षित © त्रिपुरा विश्वविद्यालय

अंतिम अद्यतनीकरण : 30/09/2022 02:03:08

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