प्रबंधन विद्यालय

विभाग का संक्षिप्त परिचय :

आधुनिक दुनिया के देश एक-दूसरे से बेहतर तरीके से जुड़े हुए हैं तथा इनमें व्यापार के अवसर बहुततेज़ी से बढ़ रहे हैं। लोग नए विचारों व तकनीकों को खुलकर अपना रहे हैंतथा उसके प्रयोग हेतु इच्छुक हैं। ऐसे परिदृश्य में, यह काफी महत्त्वपूर्णहै कि मुख्य उद्देश्यों, अवधारणाओं और तकनीकों का पता लगा कर अध्ययनकिया जाए और उसे लागू किया जाए।शैक्षिक सत्र 2003-2004 से त्रिपुराविश्वविद्यालय मेंव्यावसायिक प्रबंधन में त्रि-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (बीबीए) शुरू किया गया है।वर्ष 2009 से बीबीए कार्यक्रमको सेमेस्टर-प्रणाली में तब्दील कर दिया गया है। त्रिपुरा विश्वविद्यालय का बीबीएकार्यक्रम देश के अग्रणी प्रबंधन शिक्षण संस्थानों के पैटर्न परउसी के अनुरूपपूर्वी क्षेत्र के शीर्ष प्रबंधन विशेषज्ञों के दल द्वारा तैयार किया गया है। प्रबंधन विभाग (पूर्व में स्कूल ऑफ मेनेजमेंट), त्रिपुरा विश्वविद्यालय, ने2005-06 में देश के लिए विलक्षण प्रबंधकों और उन्नत उद्यमियों को तैयारकरने के संकल्प के साथ एमबीए कार्यक्रम की शुरुआत की।कार्यक्रमउद्यमिता विकास एवं लघु व्यापार प्रबंधन में दोहरी विशेषज्ञता के साथमार्केटिंग, वित्तऔर मानव संसाधन प्रबंधन में परम्परागत विशेषज्ञताप्रदान करता है।विभाग द्वारा उन्नत उद्यमियों के विकास पर समुचित ज़ोर दिया गया हैताकि छात्र केवल रोज़गार तलाशने वाले न बनें बल्कि वे रोजगार निर्माता भीबन सकें। विभाग एआईसीटीई दिशा-निर्देशों का पालन करते हुएप्रबंधन की नीति औरमूल्यों के पहलुओं पर बल देता है। इसलिएयहआशा की जा सकती है किप्रबंधन विभागसमाज की वर्तमान व भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति करनेमें सक्षम होगा।

स्थापना वर्ष :

बीबीए (2003) एमबीए (2005)

विभागाध्यक्ष :

प्रो. देबर्षि मुखर्जी

 

 

 

कुल विजिटर्स की संख्या : 3561895

सर्वाधिकार सुरक्षित © त्रिपुरा विश्वविद्यालय

अंतिम अद्यतनीकरण : 02/07/2022 02:03:25

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